मूल्यांकन part 1
मूल्यांकन एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसका निर्माण मूल्य + अंकन के मिलने से हुआ
■ अतः किसी विषय वस्तु को उनके गुणों के आधार पर मूल्य प्रदान करने की प्रक्रिया मूल्यांकन कहलाती है
■ मूल्यांकन अंग्रेजी के Evaluation शब्द का हिन्दी रूपांतरण है इसका शाब्दिक अर्थ - निष्कर्ष निकालना या निर्णय देने से है अतः बालकों के द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उनकी योग्यताओं एवं गुणों के संदर्भ में अंतिम निर्णय देने की प्रक्रिया मूल्यांकन कहलाती है
◆ मापन एक मात्रात्मक प्रक्रिया है जबकि मूल्यांकन मात्रात्मक और गुणात्मक प्रक्रिया है
◆ मूल्यांकन बालकों की सर्वांगीण विकास करने वाली प्रक्रिया है क्योंकि मूल्यांकन का संबंध बालकों के ज्ञानात्मक, भावात्मक , क्रियात्मक तीनों पक्षों से होता है
◆ मूल्यांकन प्रक्रिया में बालकों के साथ शिक्षक व शिक्षण विधियां हैं उनकी सहायक सामग्री का भी मूल्यांकन होता है
NCERT के द्वारा प्रकाशित पुस्तक concept of evalaution के अनुसार - मूल्यांकन एक सतत प्रक्रिया है जिससे पता चलता है कि शैक्षिक उद्देश्य कहां तक प्राप्त हुए हैं तथा अधिगम अनुभव कितने प्रभावशाली सिद्ध हुए हैं
■ कोठारी आयोग के अनुसार -मूल्यांकन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसका पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण स्थान है तथा शैक्षिक उद्देश्य उससे घनिष्ठ रूप से संबंधित है
■ ऐडलर के अनुसार - मूल्यांकन बालकों की योग्यता का निर्धारण करने वाली प्रक्रिया है
■ के जी रस्तोगी के अनुसार - मूल्यांकन अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है जो उद्देश्य, शिक्षण एवं प्रशिक्षण किसी भी बिंदु पर समाप्त नहीं होती
■ E. B. वेसले के अनुसार- मूल्यांकन आत्मनिष्ठ निरीक्षण तथा वस्तुनिष्ठ प्रभाव दोनों का सम्मिश्रण है
मापन का अर्थ - मापन से हमारा तात्पर्य मानसिक मापन से लिया जाता है मापन मूल्यांकन का ही एक अंग माना जाता है अतः मूल्यांकन के लिए मापन आवश्यक माना गया है मापन नियमों के अनुसार वस्तुएं या घटनाओं के अंक प्रदान करता है
गुडविन के अनुसार - शैक्षिक मापन विद्यार्थी अधिगम शिक्षण प्रभावशीलता या किसी अन्य शैक्षिक पक्ष की मात्रा विस्तार और कोटि के निर्धारण से संबंधित है
एबी बेसले के अनुसार - मापन मूल्यांकन का व्यवहार है जो प्रतिशत मात्रा , अंको , मध्यमान आदि के द्वारा किया जाता है
मूल्यांकन की विशेषता
1 मूल्यांकन सतत प्रक्रिया है
2 मूल्यांकन एक व्यापक प्रक्रिया है
3 शैक्षणिक व शैक्षणिक गतिविधियों का समावेश है
4 मूल्यांकन योग्यता के निर्धारण की प्रक्रिया है
5 मूल्यांकन सामाजिक प्रक्रिया है
6 मूल्यांकन उद्देश्य पूर्ण व जटिल प्रक्रिया है
7मूल्यांकन एक निर्णायक प्रक्रिया है
मूल्यांकन के प्रमुख उद्देश्य -
◆ शैक्षणिक समस्याओं का चयन करना
◆ बालकों का वर्गीकरण करना
◆ निदानात्मक व उपचारात्मक शिक्षण में सहायक
◆ शिक्षण प्रक्रिया में सुधार करना
◆ शिक्षण विधियों की सफलता असफलता का निर्धारण करना
◆ शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में सुधार करना
◆ बालकों के व्यक्तित्व का विकास करना
◆ पाठ्यचर्या में आवश्यकतानुसार संशोधन करना
◆ संस्थागत नियोजन में सहायक
◆ शिक्षण अधिगम विधियों में स्वर विधियों की उपयोगिता को पहचानना
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