व्यक्तित्व मापन की अप्रक्षेपी विधि

अप्रक्षेपी विधि -

आत्मनिष्ठ विधियां/व्यक्तिनिष्ठ विधियां  -

1 अन्तःदर्शन विधि -

 ● यह एक प्राचीनतम विधि है 

 ● इसके प्रवर्तक विलियम वुन्ट व टीचनर है

● एक व्यक्ति के द्वारा स्वयं की क्रियाओं का अध्ययन करना ही अन्तःदर्शन कहलाता है

2 प्रश्नावली विधि -

● इस विधि के आदि जनक सुकरात माने जाते हैं 

● मनोविज्ञान में इस विधि का सर्वप्रथम प्रयोग वुडवर्थ ने किया उन्होंने 1918 में प्रश्नावली की पहली अनुसूची का निर्माण किया इसके अंतर्गत 116 प्रसन्न थे 

● प्रश्नावली विधि साक्षात्कार का औपचारिक एवं लिखित रूप है अतः इस विधि को कागज पेंसिल विधि के नाम से भी जानते हैं 

प्रश्नावली के प्रकार

1 बंद प्रश्नावली - हां / ना में विकल्प का चयन करना

2 खुली प्रश्नावली- उत्तर विस्तार पूर्वक या स्वतंत्रता पूर्वक लिखना 

3- चित्रित प्रश्नावली -  चित्रों के माध्यम से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देना

4 मिश्रित प्रश्नावली - उपरोक्त सभी का मिलाजुला प्रयोग

■ MPI - मोडस्ले व्यक्तित्व प्रश्नावली (  निर्माण- आइजेंक )

■ EPPS - एडवर्ड व्यक्तित्व प्राथमिकता मापनी ( निर्माण - एडवर्ड )

■ MMPI- मिनेसोटा मल्टीफेजिक व्यक्तित्व परिसूची (निर्माण- हाथावे व मैक्किनले)

 Note- सबसे अधिक प्रचलित व्यक्तित्व प्रश्नावली में MMPI का नाम लिया जाता है जिसमें 550 प्रशन है

3 व्यक्ति इतिहास विधि - प्रवर्तक - टाइडमैन 

● इस विधि में व्यक्ति के व्यवहार का अध्ययन करने के लिए जन्म से लेकर वर्तमान समय तक के संपूर्ण व्यवहार का अध्ययन किया जाता है 

● असामान्य बालकों की समस्याओं के निदान की यह श्रेष्ठ विधि है

● समस्या के कारणों को जानना निदान कहलाता है

● निदान मनोविज्ञान के द्वारा किया जाता है ताकि उनका उपचार शिक्षा के द्वारा किया जा सके

● अपराधी बालकों के व्यवहार का अध्ययन करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ विधि है

4 साक्षात्कार विधि - इस विधि की शुरुआत अमेरिका में हुई 

◆ साक्षात्कार को अंग्रेजी में इंटरव्यू कहते हैं 

◆ साक्षात्कार का अर्थ है - आंतरिक अवलोकन करना 

● यह व्यक्तित्व मापन की सर्वाधिक लोकप्रिय विधि है 

■ साक्षात्कार दो प्रकार के होते हैं-

1 नियंत्रित साक्षात्कार - इस साक्षात्कार में प्रश्न पूर्व निर्धारित होते हैं तथा साक्षात्कारकर्ता जो प्रश्न पूछता है उसी का जवाब देना होता है

2 अनियंत्रित साक्षात्कार- प्रश्न पूर्व में निर्धारित नहीं होते हैं 


 वस्तुनिष्ठ विधियां

1 बहिदर्शन विधि ( निरीक्षण विधि ) - इस विधि में सामने वाले व्यक्ति के व्यवहार को भिन्न भिन्न परिस्थितियों में अध्ययन करके निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषयी का व्यक्तित्व कैसा है
◆  इस विधि को अवलोकन विधि भी कहा जाता है
◆  इस विधि के जनक जे बी वाटसन को माना जाता है 

■ इस विधि के द्वारा पागल व्यक्ति, जानवर एव छोटे बच्चों के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है 

● निरीक्षण विधि दो प्रकार की हो सकती है 
1 औपचारिक- इसमें व्यक्ति को पूर्व में सूचना प्रदान की जाती है 
2 अनौपचारिक - इसमें व्यक्ति को पूर्व में सूचना नहीं दी जाती 

निरीक्षण विधि के दोष -
● यह विधि स्वयं में पूर्ण नहीं होती 
●विश्वसनीयता की कमी रहती है
● इस विधि के द्वारा दोहरे व्यक्तित्व के व्यक्तियों के व्यवहार का अध्ययन नहीं किया जा सकता बनावटी 
●व्यवहार होने की संभावना रहती है

2समाजमिति विधि- 
प्रतिपादक - जे एल मोरेनो
●  इस विधि में बालक के सामाजिक गुणों का मापन किया जाता है
● इस विधि में व्यक्ति के बारे में समाज के व्यक्तियों से सामाजिक जीवन से संबंधित कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं

3 निर्धारण मापनी (क्रम निर्धारण मापनी,रेटिंग स्केल)- इस विधि के प्रवर्तक लिंकर्ट व थर्स्टन है

◆ निर्धारण मापनी वह विधि है जो व्यक्तित्व के गुणों का अनुमान लगाने के लिए है यह व्यक्तित्व का व्यक्तिगत ढंग से अध्ययन करती है

■  व्यक्तित्व का मापन करने के लिए निर्धारण मापनी अपनी विश्वसनीयता वैधता सुगमता के कारण काफी प्रचलित है 

◆ गॉल्टन को प्रथम निर्धारण मापनी के प्रकाशन का श्रेय दिया जाता है

●  किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व के ईमानदारी गुण या विशेषक को पंच बिंदु मापनी निर्धारण में व्यक्त करते हैं जिस कोटी को सबसे अधिक मत प्राप्त होते हैं व्यक्ति को उसी प्रकार का समय लग जाता है

 जैसे नंदिनी सत्य बोलती है 

पंच बिंदु मापनी- 

1 सर्वदा 

2 प्राय 

3 कभी-कभी

4 बहुत कम 

5 कभी नहीं

4 निष्पादन परीक्षण-  इस विधि का प्रयोग हार्टशोर्न ने ईमानदारी के गुण का मापन हेतु किया था 

● मापन कर्ता इस विधि में बालक या व्यक्ति को कुछ कार्य करने के लिए देता है और फिर उस कार्य का निष्पादन कर मूल्यांकन किया जाता है


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