तर्क

तर्क = किसी भी समस्या के समाधान हेतु किया गया वह चिंतन जिसके द्वारा निश्चित रूप से समाधान हो ही जाता है ऐसे वास्तविक चिंतन को तर्क कहते हैं 

■ चिंतन को क्रमबद्ध करने की प्रक्रिया तर्क है 

■ तर्क को चिंतन का सर्वोच्च स्तर भी कहते हैं 

★ तर्क वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति किसी वस्तु घटना के संदर्भ में तर्क - वितर्क करते हुए किसी परिणाम तक पहुंचता है 

गैरेट के अनुसार - मन में किसी उद्देश्य को रखकर किया गया क्रमबद्ध चिंतन ही तर्क कहलाता है 

गेट्स के अनुसार -  तर्क एक निश्चित फलदाई चिंतन की प्रक्रिया है 

जेम्स ड्रेवर के अनुसार - तर्क वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से किसी निश्चित निष्कर्ष तक पहुंचने का कार्य किया जाता है 

स्किनर के अनुसार - तर्क शब्द का प्रयोग कारण व उसके प्रभावों की मानसिक पहचान करने के लिए किया जाता है 

तर्क के प्रकार 

निगमनात्मक तर्क- पूर्व में ज्ञात नियमों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष तक पहुंचने की प्रक्रिया निगमनात्मक तर्क कहलाती है 

नोट - निगमनात्मक तर्क मानव व पशु दोनों में होता है 

आगमनात्मक तर्क दिए गए तथ्यों में अपनी और नवीन तथ्य जोड़कर किसी निष्कर्ष तक पहुंचने की प्रक्रिया आगमनात्मक तर्क कहलाती है 

आगमनात्मक तर्क का सृजनात्मक चिंतन से गहरा संबंध होता है 
आलोचनात्मक तर्क - किसी वस्तु को ज्यों का त्यों स्वीकार करने से पूर्व उसके गुण व दोषों को स्वीकार कर, परख कर उसे मान लिया जाए या किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए तो वहां आलोचनात्मक तर्क कहलाता है 

सादृश्यवादी तर्क -  जब किसी उपमा के आधार पर तर्क वितर्क करके किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाता है तो उसे सादृशयवादी तर्क कहते हैं 
उदाहरण-  महाराणा प्रताप वीर योद्धा थे उनकी भांति ही लक्ष्मीबाई वीरांगना थी

तर्क के सोपान
1 समस्या पहचान करना 
2 समस्या को जानना 
3 उपाय खोजना
4 एक उपाय का चयन करना 
5 उपाय का उपयोग करना 
6 निर्णय करना

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