कुसमायोजन
कुसमायोजन- समायोजन की विपरीत प्रक्रिया है जब व्यक्ति की आवश्यकता एवं उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों के मध्य संतुलन स्थापित नहीं होता है तो उसे कुसमायोजन कहते हैं
■ कुसमायोजन अंग्रेजी के mal- adjustment शब्द का हिंदी रूपांतरण है जिसका शाब्दिक अर्थ अपनी परिस्थितियों के साथ सामंजस्य स्थापित न होने से है
■ स्किनर के अनुसार - कुसमायोजन अधिगम निर्योग्यता को प्रकट करने वाली प्रक्रिया है
■ गेट्स के अनुसार- कुसमायोजन व्यक्ति के अस्थिर व्यक्तित्व को प्रकट करने वाली प्रक्रिया है
कुसमायोजित व्यक्ति की विशेषताएं =
★ मानसिक रूप से अस्वस्थ
★ नकारात्मक सोच
★ बाधाओं को देखकर घबराना
★ आकांक्षा की कमी
★ समस्या समाधान की योग्यता का अभाव
★ संवेगात्मक दृष्टि से अपरिपक्व
★ अपने परिस्थितियों पर नियंत्रण करने में असमर्थ
कुसमायोजित व्यक्ति के लक्षण
◆ संवेगो में उग्रता
◆ शारीरिक दोष
◆ नजरें चुराना
◆ पलायन करना
◆ नशीले पदार्थों का सेवन
◆ अनैतिक कार्य करना
कुसमायोजन के कारण
1 व्यक्तिगत कारण
● शरीर का रंग
● भद्दापन
● निम्न रुचि स्तर
● निम्न मानसिकता
● लंबी बीमारी
2 पारिवारिक कारण
■ माता-पिता के आपसी संबंध
■ भाई-बहन संबंध
■ परिवार का व्यवसाय
■ परिवार की आर्थिक स्थिति
3 विद्यालय वातावरण
◆ शिक्षक का व्यक्तित्व
◆ अधिगम योग्य वातावरण का नया होना
◆ साथी मित्रों का व्यवहार
समायोजन में शिक्षक की भूमिका- शिक्षक शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का कार्यवाहक होता है जिसके अभाव में शिक्षण प्रक्रिया का संचालन नहीं किया जा सकता
■ शिक्षक की भूमिका को निम्न बिंदुओं के माध्यम से समझा समझा जा सकता है
★ अधिगम योग्य वातावरण का निर्माण करना
★ नवीन शिक्षण विधियों का प्रयोग करना
★ बालकों में अभिप्रेरणा में रुचि उत्पन्न करना
★ बाल केंद्रित गतिविधियों का संचालन करना
★ बालकों को सामाजिक अंतर संबंधों का ज्ञान कराना
★ बालकों को जीवन की वास्तविक स्थिति का ज्ञान कराना
★ निदानात्मक में उपचारात्मक शिक्षण का प्रयास करना
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