विविध अधिगमकर्ता समस्यात्मक बालक
समस्यात्मक बालक - वे बालक जो सामान्य बालकों के अनुपात में अपने व्यवहार में अत्यधिक असमानताएं प्रकट करते हैं, समस्यात्मक बालक कहलाते हैं
वैलेंटाइन के अनुसार - समस्यात्मक बालक वे होते हैं जिनका व्यक्तित्व किसी भी बात में गंभीर नहीं होता
■ ये सामाजिक आदर्शों के विपरीत कार्य करना पसंद करते हैं
■ बर्ट ने समस्यात्मक बालक को के दो प्रकार बताएं
1 आक्रामक बालक - जो बालक अपने संवेगों को को तीव्र गति से प्रकट करते हैं, आक्रामक बालक कहलाते हैं
◆ इनमें धैर्य की कमी होती है तथा ये बालक कभी भी परिस्थिति के अनुसार व्यवहार नहीं करते
◆ आक्रामक बालकों को चोरी करना, झूठ बोलना , अनुशासनहीनता करना , पलायन करना अच्छा लगता है
★ इन बालकों में मिथोमेनिया व सिज़्रोफेनिया विकार पाया जाता है
2 दमित प्रवृति के बालक - वे बालक जो किसी अज्ञात आशंका/ डर के कारण अपने विचारों को प्रकट न करते हो, दमित बालक कहलाते हैं
◆ इनमें विचारों की अभिव्यक्ति का गुण नहीं होता
◆इनमें ईर्ष्या संवेग सर्वाधिक प्रबल होता है
दमित प्रवृत्ति के बालक
■ अंगूठा चूसने वाले
■ नाखून चबाने वाले
■ बिस्तर गिला करने वाले
समस्यात्मक बालकों की विशेषता
◆बड़ों का आदर ना करना
◆ चोरी करना
◆ झूठ बोलना
◆ अनुशासनहीनता करना
◆ समायोजन की समस्या
◆ विद्यालय से पलायन करना
◆ संवेगों में उग्रता
◆ परिपक्वता का अभाव
समस्यात्मक बालकों की शिक्षा
● आवश्यकतानुसार इनके कार्यों की प्रशंसा करनी चाहिए
● जिम्मेदारी पूर्ण कार्य प्रदान करने चाहिए
● खेल की ओर अग्रसर कर शारीरिक ऊर्जा का सही उपयोग किया जाना चाहिए
■ समस्यात्मक बालकों के व्यवहार में पाई जाने वाली समस्याओं का समाधान हेतु मनोविज्ञान की श्रेष्ठ विधि जीवन इतिहास विधि है जीवन इतिहास विधि का निर्माण टाइडमेंन किया , इसमें एक समय में एक ही बालक का चयन कर उसकी समस्या का समाधान किया जाता है
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