विविध अधिगमकर्ता - पिछड़े बालक

 पिछड़े बालक-  वह बालक जो सामान्य बालकों के अनुपात में निम्न योग्यता का प्रदर्शन करता है पिछड़ा वाला कहलाता है

 बर्ट के अनुसार - शारीरिक सामाजिक संवेगात्मक एवं मानसिक दृष्टि से सामान्य बालकों के अनुपात में निम्न योग्यताओं का प्रदर्शन करने वाले बालक पिछड़े बालक कहलाते हैं 

सामान्य पिछड़ा बालक - वह बालक जो अपने जीवन के अधिकांश क्षेत्रों में निम्न योग्यता का प्रदर्शन करता है वह सामान्य पिछड़ा बालक कहलाता है 

● इन बालकों की सीखने की गति धीमी होती है

● इनकी बुद्धि लब्धि  80 से 90 के मध्य मानी जाती है

 बर्ट के अनुसार - जो बालक अपनी आयु स्तर के अनुसार की कक्षा से एक सीढ़ी नीचे की कक्षा का कार्य करने में भी असमर्थ होते हैं, पिछड़े बालक कहलाते हैं

सामान्य पिछड़े बालकों की विशेषता

● मानसिक श्रम करने पर थकान 

● आत्मविश्वास में कमी

● अंतर्मुखी प्रवृत्ति

● निर्णय करने में कठिनाई

● अनुकरण द्वारा सीखना

● जिज्ञासा की कमी

● तर्क वितर्क करने में असक्षम


सामान्य पिछड़े बालकों की शिक्षा

◆ कम मानसिक श्रम प्रदान करना 

◆ व्यक्तिगत निर्देशन व परामर्श दिया जाना चाहिए

◆ शिक्षण सहायक सामग्री का प्रयोग करना चाहिए

◆ अतिरिक्त कक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए 

◆ सहानुभूति पूर्ण व्यवहार करना चाहिए


शारीरिक पिछड़े बालक- वह बालक जो शारीरिक अंगों का संचालन करने में  असक्षम हो शारीरिक पिछड़े बालक कहलाते हैं

● दैनिक जीवन के कार्यों में भाग न ले सकने वाला बालक शारीरिक पिछड़ा बालक कहलाता है 

शारीरिक पिछले बालकों के प्रकार 

1 दृष्टि बाधित बालक

● पूर्ण दृष्टिबाधित  ● आंशिक दृष्टिबाधित 

 2 बहरे बालक 

● पूर्ण बहरे  ● आंशिक बहरे 

गूंगे बालक 

● हकलाने वाले  ● पूर्ण गूंगे

शारीरिक पिछड़े बालकों की विशेषता 

शारीरिक अंगों के संचालन संचालन में असक्षम 

आत्मविश्वास में कमी 

समायोजन की समस्या 

दूसरों पर निर्भरता 

हीन भावना के शिकार

एकांत प्रिय

शारीरिक पिछड़े बालकों की शिक्षा

■ दृष्टि बाधित बालकों को स्पष्ट उच्चारण व उभरे हुए अक्षरों का प्रयोग कर सिखाया जाना चाहिए 

■ अंधे बालकों को ब्रेल लिपि द्वारा सिखाया जाना चाहिए 

■ बहरे बालकों को सांकेतिक भाषा द्वारा सिखाया जाना चाहिए 

■ गूंगे बहरे बालकों को ओष्ठ लिपि द्वारा सिखाया जाना चाहिए 

■ इनके लिए विशिष्ट विद्यालयों की स्थापना की जानी चाहिए 

■ विशिष्ट प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति की जानी चाहिए 

■ शारीरिक पिछड़े बालकों को व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए

■  एक शारीरिक पिछड़ा बालक भी प्रतिभाशाली बालक हो सकता है 

■ वर्तमान में शारीरिक पिछड़े बालकों के लिए दिव्यांग शब्द का प्रयोग किया जाता है


मानसिक रूप से पिछड़े बालक-  वे बालक जो सामान्य बालकों के अनुपात में अधिगम निर्योग्यता को प्रकट करते हैं मानसिक रूप से पिछड़े बालक कहलाते हैं

 टरमन के अनुसार - मानसिक पिछड़े बालकों की बुद्धि लब्धि 70 से कम होती है

 स्किनर के अनुसार - अधिगम निर्योग्यता को प्रकट करने वाले बालक मानसिक पिछड़े बालक लाते हैं 

● मानसिक पिछड़े बालक समय परिस्थिति के अनुसार निर्णय करने में असमर्थ होते हैं 

◆ मानसिक मंदता का सबसे पहला अध्ययन फ्रांस में 1799 में जीन इटार्ड द्वारा विक्टर नामक बच्चे पर किया गया

■ L S पेनरोज ने अपनी पुस्तक biology off  mental defect के अंतर्गत चार प्रकार की मानसिक दुर्बलताओं का वर्णन किया है

मंगोलिज्म - यह सर्वाधिक मानसिक दुर्बलता पाई जाती है इसमें बालकों की शारीरिक बनावट मंगोल जाति के लोगों से मिलती जुलती है इनका बौद्धिक स्तर (जड़ बुद्धि) 25 से कम होता है

क्रेटीनिज्म-    येे बौने होते है हाथ पैर की अपेक्षा धड़ अधिक बड़ा होता है इनका बौद्धिक स्तर जड़ बुद्धि (25 से 50) होता है 

माइक्रोसिफैली-  इस दुर्बलता से ग्रसित व्यक्ति का आकार छोटा होता है सिर की परिधि अधिक से अधिक 17 इंच होती है 

हाइड्रोसिफैली - इनका सिर का आकार बड़ा होता है तथा सिर की परिधि 28 इंच होती है

मानसिक पिछड़े बालकों की विशेषता 

■ सीमित मात्रा में कल्पना 

■ अभिप्रेरणा का निम्न स्तर

■ निर्णय क्षमता का अभाव 

■ प्रतियोगी भावना का अभाव 

■ वातावरण का शिकार 

■ दूसरों पर निर्भरता

■ नैतिक व सामाजिक गुणों का अभाव

■ मानसिक श्रम का अभाव

मानसिक पिछड़ेपन के कारण

1 जन्म से पूर्व के कारण 

● वंशकर्म का प्रभाव

● माता-पिता का स्वास्थ्य 

 ● विकिरण का प्रभाव 

● माता द्वारा नशीले पदार्थों का सेवन 

2 जन्म के समय के कारण 

◆ समय से पूर्व प्रसव

◆ प्रसव संबंधित दोष

◆ सेरिब्रल

3  जन्म के बाद के कारण

★ अचानक मस्तिष्क को क्षति 

★ किसी दुर्घटना का होना 

★ मादक पदार्थों का सेवन 

★ तनाव व चिंता

मानसिक पिछड़े बालकों की शिक्षा - 

◆ विशिष्ट विद्यालयों की स्थापना 

◆ प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति की शिक्षा प्रदान करना 

◆ सहानुभूति पूर्ण व्यवहार 

◆ छोटे समूह में शिक्षा प्रदान करना 

 ◆ अध्ययन की गति धीमी करना

◆ मूर्त रूप से पढ़ाना

◆ पाठ का बार-बार दौरान करना




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