स्मृति व कल्पना

स्मृति - स्मृति पर सर्वप्रथम क्रमबद्ध अध्ययन जर्मन  मनोवैज्ञानिक ऐविंगहास द्वारा 1885 में किया गया

 वुडवर्थ के अनुसार - सीखने के पश्चात उस बात को याद रखना या पुनः प्रस्तुत करना स्मृति कलहाती है 

 ■ स्मृति के तीन प्रमुख तत्व है 

1 कूट संकेतन 

2 भंडारण 

3 पुनरुद्धार 

■ एटकिंसन ने 1968 में स्मृति का प्रथम मॉडल "अवस्था मॉडल" प्रस्तुत किया 

★ अवस्था मॉडल के अनुसार स्मृति तीन प्रकार की होती है

1 तात्कालिक स्मृति - इसमें व्यक्ति सूचनाओं को एक सेकंड या उससे भी कम समय के लिए याद रख पाता है 

2 अल्पकालिक स्मृति-  इसमें स्मृति का स्थाईपन 20 - 30 सेकंड तक होता है

★  विलियम जेम्स ने इसे प्राथमिक समृति का है

दीर्घकालीन स्मृति - इसे विलियम जेम्स ने गौण स्मृति कहा है,  इसमें व्यक्ति कम से कम 30 सेकंड तथा अधिक से अधिक कितने भी दिनों तक याद रख सकता है



 मानचित्र निरूपण - मानचित्र निरूपण एक ऐसा चित्र या नक्शा होता है जो विभिन्न अवधारणाओं के बीच संबंध को दर्शाता है यह एक आलेखीय उपकरण होता है जो किसी विषय के अलग-अलग पहलुओं को व्यवस्थित रूप देता है

अवधारणा मानचित्र के लाभ

1 पाठ को पढ़ाने से पूर्व योजना निर्माण में सहायक 

2 व्याख्यान का सारांश हेतु सहायक 

3 जटिल सरंचनाओ की रूपरेखा में सहायक

4 पूर्व अवधारणा के साथ नवीन अवधारणा को जोड़कर समझने में सहायक

कल्पना - पूर्व अनुभवों के आधार पर किसी वस्तु की अनुपस्थिति में भी उस वस्तु के बारे में सोचना कल्पना है 

मेकडुगल के अनुसार - कल्पना मानसिक हस्त व्यापार है तथा अप्रत्यक्ष वस्तु के बारे में चिंतन है 


 ■ मेकडुगल के अनुसार कल्पना के प्रकार

1 उत्पादन कल्पना -  पूर्व अनुभवों के आधार पर नव निर्माण 

2 पुनरुत्पादन कल्पना - एक बार नव निर्माण के बाद भी नवीन विचारों का सृजन होना 

■ कल्पना की विशेषता 

◆ मानसिक प्रक्रिया 

◆ पूर्व अनुभवों पर आधारित 

◆ प्रतिभा चयन 

◆ सृजन शक्ति

◆ उत्पादन विचार 

◆ मौलिक चिंतन का आधार

 

कल्पना के लाभ 

● बालक को चिंतनशील बनाती है 

● बालकों को निष्कर्षों तक ले जाती है 

● बालक में सृजनशीलता के गुणों का विकास करती है



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