अभिवृद्धि ओर विकास में अंतर
| अभिवृद्धि | विकास |
| अभिवृद्धि का स्वरूप बाह्य होता है। | जबकि विकास आंतरिक ओर बाह्य दोनों होता है। |
| अभिवृद्धि कुछ समय के बाद रुक जाती है। | विकास जीवन पर्यंत चलता रहता है। |
| अभिवृद्धि का संबंध शारीरिक तथा मानसिक परिपक्वता से हैं। | जबकि विकास वातावरण से भी संबंधित होता है। |
| अभिवृद्धि का कोई लक्ष्य नहीं होता | विकास का कोई ना कोई लक्ष्य जरुर होता है। |
| अभिवृद्धि में कोई निश्चित दिशा नहीं होती जबकि | विकास की एक निश्चित दिशा होती है। |
| अभिवृद्धि का प्रयोग संकुचित अर्थ में किया जाता है | विकास का प्रयोग व्यापक अर्थ में किया जाता है। |
| अभिवृद्धि पर वातावरण के कारकों के अनुसार प्रभाव पड़ता है | जबकि इसमें परिपक्वता के विकास का संबंध वृद्धि में ही निहित होता है |
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