मनोविज्ञान का इतिहास

मनोविज्ञान का इतिहास

एबिंगहॉस के अनुसार - मनोविज्ञान का अतीत बहुत लंबा है जबकि इतिहास बहुत छोटा है
मनोविज्ञान का अतीत 400 ई. पू. से प्रारंभ हो जाता है जबकि इतिहास 1600 वी शताब्दी से प्रारंभ होता है

एबिंगहॉस के अनुसार सबसे पहले 5 वी सदी में पैदा हुए दार्शनिक सुकरात ने कहा था मनुष्य को मनुष्य का अध्ययन करना चाहिए 

◆ प्लेटो के शिष्य अरस्तु ने दर्शनशास्त्र में आत्मा के अध्ययन की शुरुआत की और यही आत्मा का अध्ययन आगे चलकर आधुनिक मनोविज्ञान बना इसलिए  अरस्तु को मनोविज्ञान का जनक कहते हैं 

Note- कॉलसैनिक एकमात्र विद्वान है जिस का मानना है कि आत्मा की अवधारणा सबसे पहले प्लेटों के द्वारा दी गई, इसलिए मनोविज्ञान का वास्तविक जनक प्लेटो है

  मनोविज्ञान के जनक अरस्तु को माना जाता है तथा जननी दर्शनशास्त्र को माना जाता है मनोविज्ञान दर्शनशास्त्र की एक शाखा है

◆ 16 वी सदी में 1590 ई.  में यूनानी दार्शनिक रुडोल्फ गोइकले ने  साइकलोजिया पुस्तक लिखी जिसमें उन्होंने आत्मा के अध्ययन के लिए साइकोलॉजी शब्द का प्रयोग किया तब से लेकर आज तक मनोविज्ञान में अंग्रेजी भाषा का PSYCHOLOGY शब्द प्रयोग किया जाता है

मनोविज्ञान शब्द Psychology  का हिन्दी  रूपांतरण है
Psychology शब्द ग्रीक भाषा के psyche ओर logus से मिलकर बना है psyche का अर्थ आत्मा और logus का  अर्थ विज्ञान है अथार्थ साइकोलॉजी शब्द का अर्थ आत्मा के विज्ञान से लिया जाता है

◆ यूनानी दार्शनिक देकार्टे ने आत्मा  के विषय को भौतिक शास्त्र में जोड़ने का प्रयास किया तो हॉब्स, लॉक, कांट आदि  दार्शनिको ने कहा कि आत्मा का अध्ययन भौतिक शास्त्र में संभव नहीं है और इसी के साथ सवाल पैदा हो गए आत्मा क्या है, कैसी है, कहां है 
इन सवालों के जवाब नहीं मिलने के कारण आत्मा का अभिप्राय अमान्य हो गया

★17 वी सदी में इटली के दार्शनिक पॉम्पोनोजी ने आत्मा के अध्ययन की विषय वस्तु को नया अभिप्राय दिया और इसे मन/ मस्तिष्क का विज्ञान बताया
 किंतु 19वीं शताब्दी आते आते मन मस्तिष्क के विज्ञान के लिए भी वही प्रश्नन पैदा हो गए कि मन मस्तिष्क में क्या अंतर है, मन कितने होते हैं, कौन से मन का अध्ययन किया जाता है

■19वीं शताब्दी में विलियम वुंट, विलियम जेम्स, जेम्स सली  ने मनोविज्ञान को चेतना का विज्ञान कहा, परंतु चेतना का विज्ञान  भी जल्दी ही समाप्त हो गया, इसके दो कारण थे- 
 1 विलियम मेक्डुगल ने अपनी पुस्तक मनोविज्ञान की अवधारणा(Outline psychology) में  page no. 16 में चेतना को बुरा शब्द कहा 
2 सिगमंड फ्रायड ने अपने सिद्धांत में चेतना के तीन रूप बताएं

■ आधुनिक मनोविज्ञान के जनक विलियम जेम्स हैं

■ प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के जनक विलियम वुंट है
■ प्रथम मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला विलियम वुंट  ने लिपजिंग (जर्मनी ) में 1879 कार्ल मार्क्स विश्वविद्यालय में स्थापित की
 
★मनोविज्ञान का वर्तमान अभिप्राय बीसवीं सदी में जे बी वाटसन ने दिया जिन्होंने मनोविज्ञान का अर्थ व्यवहार का विज्ञान कहा, इसके समर्थक वाटसन, वुडवर्थ, स्किनर, थार्नडाइक, मेक्डुगल थे

मनोविज्ञान की परिभाषाएं


★ वुडवर्थ के अनुसार - सर्वप्रथम मनोविज्ञान ने आत्मा का छोड़ा, फिर मन को त्यागा फिर चेतना खोई,  अब व्यवहार का स्वरूप लिए हुए हैं

★ वाटसन के अनुसार -मनोविज्ञान व्यवहार का शुद्ध विज्ञान है 

★ विलियम मेक्डुगल के अनुसार-  मनोविज्ञान व्यवहार एंव आचरण का विज्ञान है 

★ क्रो एंड क्रो के अनुसार मनोविज्ञान मानव व्यवहार तथा मानव के संबंधों का अध्ययन है 

★ बोरिंग एवं लैंगफील्ड के अनुसार - मनोविज्ञान मानव प्रकृति का अध्ययन है
 

  मनोविज्ञान के संप्रदाय 

 संरचनावाद  -       विलियम वुंट , टिचनर

 प्रकार्यवाद   -        विलियम जेम्स
 
व्यवहारवाद  -       जे बी वाटसन
 
गेस्टाल्टवाद   -       मैक्स वर्दीमर

प्रेरकीय संप्रदाय -    विलियम मेक्डुगल

मनोविश्लेषणवाद -  सिगमण्ड फ्रायड

साहचर्यवाद  -         जॉन लॉक

Note - मनोविज्ञान सकारात्मक, धनात्मक, विधायक, अनुप्रयुक्त होता है किंतु नियामक, आदर्शत्मक नहीं होता

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