विकास की अवस्थाएं
विकास की अवस्थाएं
श्रीमती हरलॉक के अनुसार
गर्भावस्था - गर्भधारण से जन्म तक
शैशवावस्था - जन्म से 2 सप्ताह तक
बचपनावस्था - 2 सप्ताह से 2 वर्ष तक
पूर्व बाल्यावस्था - 3 से 6 वर्ष तक
उत्तर बाल्यावस्था - 7 से 14 वर्ष तक
पूर्व किशोरावस्था - 15 से 17 वर्ष तक
उत्तर किशोरावस्था - 18 से 21 वर्ष तक
प्रौढ़ावस्था - 21 वर्ष के बाद
रॉस के अनुसार
शैशवावस्था - जन्म से 2 वर्ष
पूर्व बाल्यावस्था - 3 से 6 वर्ष
उत्तर बाल्यावस्था - 7 से 12 वर्ष
किशोरावस्था - 13 से 18 वर्ष
प्रौढ़ावस्था - 18 वर्ष के बाद
जॉन के अनुसार
शैशवावस्था - जन्म से 6 वर्ष तक
बाल्यावस्था -7 से 12 वर्ष तक
किशोरावस्था - 13 से 18 वर्ष
प्रौढ़ावस्था -18 वर्ष के बाद
शैशवावस्था : 0-2/0-5 वर्ष
★ बाल विकास की महत्वपूर्ण अवस्था
★ बाल विकास की सर्वाधिक दर
★ भावी जीवन की आधारशिला
■ उपनाम :
◆ सीखने का आदर्श काल
◆ जीवन का महत्वपूर्ण काल
◆ भावी जीवन की आधारशिला
◆ संस्कारों के निर्माण की अवस्था
◆ अतार्किक चिंतन की अवस्था
◆ खिलौनों की आयु
◆ पराधीनता की अवस्था
◆ प्रिय लगने वाली अवस्था
◆ पूर्व प्राथमिक विद्यालय की तैयारी की अवस्था
◆ खतरनाक अवस्था
◆ टोली पूर्व आयु
◆ मन की मौजो में विचरण करने की अवस्था
◆ सीखने की आयु
◆ नाजुक अवस्था
◆ घड़ने योग्य आयु
■ महत्वपूर्ण परिभाषाएं:
● एडलर के अनुसार- जन्म के कुछ समय बाद ही यह निश्चित हो जाता है कि भावी जीवन में बालक का क्या स्थान होगा
● गेसल के अनुसार -बालक प्रथम 6 वर्षों में बाद के 12 वर्षों से भी दुगना सीख जाता है
● क्रो एंड क्रो के अनुसार- बीसवीं शताब्दी बालकों की शताब्दी है
● रॉस के अनुसार - शिशु कल्पना का नायक है
● सिगमंड फ्रायड के अनुसार -बालक को जो कुछ भी बना होता है वह चार पांच वर्ष की आयु में बन जाता है
● गुडएनफ के अनुसार- व्यक्ति का जितना भी मानसिक विकास होता है उसका आधा 3 बरस तक हो जाता है
● वैलेंटाइन के अनुसार -
1 शैशवावस्था सीखने का आदर्श काल है
2 जीवन का महत्वपूर्ण काल है
शैशवावस्था की विशेषता
★ तीव्र शारीरिक व मानसिक विकास
★ सीखने की तीव्र गति
★ नैतिक गुणों का अभाव
★ सीमित मात्रा में कल्पना
★ जिज्ञासु प्रवृत्ति
★ अनुकरण द्वारा सीखना
★ सवेंदना द्वारा ज्ञान ग्रहण
★ भाषाई कौशलों का विकास आरंभ
★ बाह्य वातावरण का ज्ञान ना होना
★ दोहराने की प्रवृत्ति
★ संवेगो का प्रदर्शन
★ स्वार्थी व स्वकेंद्रित
★ न तो सामाजिक न हीं है असमाजिक
★ क्षणिक मित्रता
★ मूल प्रवृत्यात्मक व्यवहार
★ अपनी ज्ञानेंद्रियों व शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से सीखना
बाल्यावस्था :
★ बाल्यावस्था को जीवन का निर्माणकारी काल कहते हैं क्योंकि इस अवस्था में बालकों की आदतों, रुचियां एवं नवीन व्यवहारों का निर्माण होता है
★ सामाजिक दृष्टि से भी यह एक महत्वपूर्ण काल है क्योंकि सर्वाधिक सामाजिक विकास इसी अवस्था में होता है
★ वैदिक साहित्य में बाल्यावस्था को ग्रहण एंव धारण की अवस्था कहा गया
परिभाषा
■ सिंपसन /ब्लेयर के अनुसार - बाल्यावस्था वह दशा है जिसमें बालकों के दृष्टिकोण, मुल्यो, आदतों का विकास होता है
■ कॉल- ब्रुश के अनुसार- बाल्यावस्था जीवन का अनोखा काल है
■ किलपैट्रिक के अनुसार- बाल्यावस्था प्रतिद्वंधात्मक समाजीकरण की अवस्था है
■ स्ट्रेंग के अनुसार - एक 10 वर्ष के बालक के द्वारा ऐसा कोई खेल नहीं है जो उसने नहीं खेला हो
■ रॉस के अनुसार - बाल्यावस्था मिथ्या परिपक्वता का काल है
उपनाम
● खेल की आयु
● जीवन का निर्माणकारी काल
● गंदी अवस्था
● मूर्त चिंतन की अवस्था
● शैक्षिक काल
● वस्तु संग्रहण की दशा
● वैचारिक क्रिया की अवस्था
● अनोखा काल
● गेम ऐज
● गैंग ऐज
● उत्पत्ति अवस्था
● प्रतिद्वंधात्मक समाजीकरण का काल
बाल्यावस्था की विशेषताए
★ शारीरिक विकास में स्थिरता आ जाती है
★ मानसिक क्रियाओं की अधिकता हो जाती है
★ सामाजिक गुणों का विकास हो जाता है
★ नैतिक गुणों का विकास हो जाता है
★ बहिर्मुखी व्यक्तित्व
★ हीन भावना का विकास हो जाता है
★ पक्षपात की भावना विकसित हो जाती है
★ समलिंगी प्रेम
★ रचनात्मक प्रवृत्ति का विकास
★ यथार्थवादी दृष्टिकोण
★ निरउद्देश्य भ्रमण की प्रवृत्ति
★ प्रशंसा पाने की इच्छा
★ खोखली मित्रता
★ मूर्त चिंतन की योग्यता
★समलिंगी समूह भावना
★नेता बनने की इच्छा
★भाषा का विकास न करने की प्रवृत्ति
★खेलों में रुचि
★ संग्रह करने की प्रवृत्ति
★चोरी करना और झूठ बोलना
किशोरावस्था= किशोरावस्था अंग्रेजी के Adolscence का हिंदी रूपांतरण है जिसका अर्थ परिपक्वता है
● परिपक्वता शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग गैसल द्वारा किया गया
■ किशोरावस्था का क्रमबद्ध व वैज्ञानिक अध्ययन स्टेनली हॉल ने किया
■ इंग्लैंड की हेडो कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार 13 वर्ष की आयु में किशोरों की नसों में एक ज्वार उठता है जिसे किशोरावस्था कहते हैं
★ किलपैट्रिक के अनुसार - किशोरावस्था जीवन का सबसे कठिन काल है
■ रॉस के अनुसार - किशोरावस्था शैशवावस्था का पुनरावृति काल है
★ कॉलसैनिक के अनुसार- किशोर प्रौढ़ वयक्ति को अपने मार्ग की बाधा समझते हैं
■ एरिक्सन के अनुसार- किशोर स्वयं के व्यक्तित्व का स्पष्टीकरण चाहता है
■ स्टैनले हॉल के अनुसार- किशोरावस्था संघर्ष, तनाव व तूफान की अवस्था है
उपनाम
★ जीवन का कठिन काल
★ तार्किक चिंतन की अवस्था
★गोल्डन एज
★बसंत ऋतु
★ टीन एज
★उलझन की अवस्था
★ समस्या समाधान की अवस्था
★ संक्रमण की अवस्था
★ अवास्तविकताओं की आयु
★ तनाव एवं संघर्ष की अवस्था
★ विशिष्टता की खोज की अवस्था
★ परिवर्तन की अवस्था
★ आंधी तूफान की वस्ता
★ झंझावट की अवस्था
★
किशोरावस्था की विशेषताएं
● देशभक्ति की भावना का विकास
● नेतृत्व के गुणों का विकास
● समाजिक कार्यों में रुचि
● पलायन करना
● विषम लिंगी प्रेम की भावना
● ईश्वर या धर्म में विश्वास
● व्यवसाय चयन में समस्या
● समायोजन की समस्या
● पीढ़ियों में अंतर के कारण विचारों में अंतर
● व्यक्तिगत व घनिष्ठ मित्रता
● कल्पना का बाहुल्य
● दिवा स्वपन की प्रवृत्ति
● समाज सेवा में देशभक्ति की भावना
● विचारों तथा संवेगों में परिपक्वता
● अपने प्रिय के बिछड़ने का गम
● संवेगात्मक परिवर्तन में तीव्रता
● आत्मचेतना की भावना
● अपराध प्रवृति के विकास का नाजुक समय
● स्वतंत्र सोच का विकास
● विषम लिंगी प्रेम की भावना
● समवयस्क समूह भावना
● अध्ययन के प्रति गंभीर
● वित्तीय समस्या
● मादक पदार्थों के सेवन की समस्या
● जीवनसाथी के चुनाव की समस्या
● माता-पिता से अधिक हम उम्र को महत्व देना
● सौंदर्य का उपासक
● किशोरों की वाणी में भारीपन
● किशोरियों की वाणी में कोमलता व मधुरता
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