बाल मनोविज्ञान

 बाल मनोविज्ञान का अर्थ- 

मानव व्यवहार का अध्ययन करने वाली मनोविज्ञान की शाखा बाल मनोविज्ञान कहलाती है

∆  बाल विकास को पूर्व में बाल मनोविज्ञान के नाम से भी             जाना जाता था

∆ यूनानी दार्शनिक प्लेटो ने अपनी पुस्तक रिपब्लिक में लिखा      कि बाल्यावस्था के प्रशिक्षणो  का प्रभाव बालक की बाद          कि व्यवसायिक कुशलता पर पड़ता है

बाल विकास का अध्ययन- 

•  18 वीं  शताब्दी में जॉन लॉक, हॉब्स, रूसो ने बालको की        रूचियों, आदतों का अध्ययन किया

• रूसो ने 18 वीं शताब्दी में अपनी पुस्तक EMILE में बाल-       केंद्रित शिक्षा का सर्वप्रथम विचार दिया

• 1628 में अमोस कोमेनियस ने बाल विकास के लिए           'school infency'  नामक पुस्तक की स्थापना की

• 1774 में पेस्टोलोजी ने अपने बालक पर अध्ययन कर     'baby baigraphy' नामक पुस्तक की रचना की

• 1727 में टाइडमेंन ने बाल अध्ययन के लिए जीवन इतिहास     विधि का निर्माण किया

• बाल विकास का अध्ययन करते हुए इंग्लैंड में विलियम सली    ने "THE BRITISH ASSOCIATION FOR THE     CHILD STUDY" नामक संस्था की स्थापना की

• अमेरिका में बाल विकास का अध्ययन करने का श्रेय स्टैनले       हॉल को जाता हैं

बाल विकास से संबंधित पुस्तक 

@  टेने  ने 1869 में "AN INFENT OF CHILD         DOVELPMENT" की रचना की

@ प्रेयर ने 1881 में "THE MIND OF CHILD"  की     रचना की

@ डार्विन ने "BIOGRAPHICAL SKETCH OF AN     INFENT" की रचना की

@ स्टेनले हॉल ने 1891 में 'ADOLSCENCE'  नामक     पुस्तक की रचना की

@ पेस्टोलोजी ने 'BABY BIOGRAPHY' की रचना की

@@ जीन पियाजे ने -

1-  THE LANGUAGE AND THOUGHT OF     CHILD (1920)

2 - THE CONCEPTION OF THE WORLD (1930)

3- THE MORAL JUDGEMENT OF CHILD MIND की रचना की


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